'समय की मांग': सुप्रीम कोर्ट ने एससी वकीलों के लिए अलग वेलफेयर फंड बनाने की SCBA की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा दायर रिट याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए अलग वेलफेयर फंड बनाने की मांग की गई।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट (प्रशासनिक पक्ष), भारत सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली को नोटिस जारी किया।
SCBA के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने दलील दी कि इस मामले में कानूनी खालीपन (Statutory Vacuum) मौजूद है।
सीनियर एडवोकेट सिंह ने कहा,
"एडवोकेट वेलफेयर फंड एक्ट में सुप्रीम कोर्ट में 'वकालतनामा' का ज़िक्र तो है, लेकिन उससे मिलने वाला पैसा दिल्ली बार काउंसिल के पास जाता है। इस एक्ट में SCBA का कहीं कोई ज़िक्र ही नहीं है।"
जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी करते हुए कहा,
"एससी नियम 15A के तहत... कुछ किया जा सकता है। यह इस समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है।"
इस याचिका में इसके अलावा, एक विशेष प्रकार की 'SCBA वेलफेयर फंड मैनेजमेंट कमेटी' के गठन और उसे औपचारिक मान्यता दिए जाने की भी मांग की गई।
Case Title – Supreme Court Bar Association v. Supreme Court of India