कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद की राम नवमी रैली की अर्जी मंज़ूर की, प्रतिभागियों की संख्या 500 तक सीमित की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद को 26 मार्च, 2026 को हावड़ा में राम नवमी रैली आयोजित करने की अनुमति दी। कोर्ट ने उन्हें पिछले साल वाले ही रास्ते का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी है, लेकिन साथ ही सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई शर्तें भी लगाईं।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य विश्व हिंदू परिषद द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पुलिस अधिकारियों को रैली में मदद करने के निर्देश देने की मांग की गई।
याचिकाकर्ताओं ने 4 अप्रैल, 2025 के एक पिछले बेंच के आदेश का हवाला दिया, जिसमें कुछ शर्तों के साथ उसी रास्ते पर रैली की अनुमति दी गई। हालांकि, राज्य सरकार ने इस अर्जी का विरोध किया और शिवपुर पुलिस लाइन के पास चुनाव से जुड़ी गतिविधियों और सार्वजनिक व्यवस्था पर असर डालने वाले संवेदनशील इलाकों को देखते हुए रास्ते में बदलाव का सुझाव दिया।
कोर्ट ने कहा कि पिछला आदेश अब अंतिम रूप ले चुका है और पिछले सालों में भी इसी रास्ते पर रैली निकाली गई। कोर्ट ने माना कि पुलिस द्वारा बताए गए कारण रास्ते में बदलाव करने के लिए काफी नहीं थे।
यह मानते हुए कि अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) के तहत इकट्ठा होने के अधिकार को नियंत्रित किया जा सकता है, कोर्ट ने कहा कि ऐसा नियंत्रण उचित होना चाहिए और यह मनमाने ढंग से स्थापित प्रथाओं पर रोक नहीं लगा सकता।
चुनाव की तैयारियों में रुकावट आने की राज्य सरकार की चिंता पर कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे को रास्ता बदलने के बजाय संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करके प्रभावी ढंग से सुलझाया जा सकता है।
कोर्ट ने कुछ इलाकों के संवेदनशील होने की दलील को भी यह देखते हुए खारिज किया कि उसी रास्ते पर पहले भी न्यायिक आदेशों के तहत अनुमति दी गई।
रैली की अनुमति देते हुए कोर्ट ने कई शर्तें लगाईं:
1. किसी भी समय प्रतिभागियों की संख्या 500 से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
2. झांकी/मूर्ति ले जाने वाले सिर्फ़ एक वाहन को ही अनुमति होगी।
3. प्रतिभागी अपने साथ हथियार, लाठी या धातु के हथियार नहीं ले जा सकते।
4. कोई भी भड़काऊ या सांप्रदायिक नारा नहीं लगाया जाएगा।
5. सिर्फ़ सीमित साउंड सिस्टम की अनुमति है; DJ सिस्टम की अनुमति नहीं है।
6. रैली बिना रुके आगे बढ़नी चाहिए और दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच पूरी हो जानी चाहिए।
7. आयोजकों को प्रतिभागियों का विवरण और पहचान पत्र (ID proofs) पहले से उपलब्ध कराने होंगे।
कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और शर्तों का उल्लंघन होने पर अधिकारियों को कार्रवाई करने की अनुमति दी। पुलिस अधिकारियों को 1 अप्रैल, 2026 को न्यायालय के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
Case: Vishva Hindu Parishad & Another –Versus – State of West Bengal & Others