बॉम्बे हाईकोर्ट ने WFI से शरद पवार की महाराष्ट्र स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन की मान्यता रद्द करने के फ़ैसले को सही ठहराया

Update: 2026-06-15 13:52 GMT

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (15 जून) को NCP (SP) प्रमुख शरद पवार की महाराष्ट्र स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन (MSWA) की रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (WFI) से मान्यता रद्द करने के फ़ैसले को सही ठहराया।

WFI ने 1 जनवरी 2023 को MSWA की मान्यता रद्द करने और उसकी जगह महाराष्ट्र राज्य कुश्तीगीर संघ (MRKS) को लाने का फ़ैसला किया था।

इसके बाद MSWA ने जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की डिवीज़न बेंच में याचिका दायर की थी, जिसे अब कोर्ट ने खारिज किया।

MSWA ने तर्क दिया कि मान्यता रद्द करने का फ़ैसला ओवरसाइट कमेटी ने लिया था, न कि एग्जीक्यूटिव कमेटी ने, और यह फ़ैसला मनमाना था।

यह बताना ज़रूरी है कि MSWA की मान्यता रद्द करने से पहले WFI ने 2022 में MSWA की चुनी हुई बॉडी में दखल दिया था और उसकी चुनी हुई बॉडी को सस्पेंड कर दिया था। उस आदेश को "अनुचित, गैर-कानूनी और खेल भावना के खिलाफ़" माना गया।

नवंबर 2022 के अपने आदेश में जस्टिस संदीप शिंदे ने कहा था,

"WFI की एग्जीक्यूटिव कमेटी का फ़ैसला न केवल प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन था बल्कि उनकी जानकारी के बिना लिया गया। विवादित फ़ैसला लेने से पहले प्रक्रियात्मक निष्पक्षता को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया गया।"

असल में NCP (SP) प्रमुख शरद पवार 40 से ज़्यादा सालों तक MSWA कमेटी के प्रमुख रहे थे जब तक कि 4 जुलाई, 2022 को WFI ने इसे भंग नहीं कर दिया। हाईकोर्ट ने नवंबर 2022 के अपने आदेश में कहा कि एसोसिएशन की चुनी हुई बॉडी अपना कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बनी रहेगी और अपने संविधान के अनुसार रोज़मर्रा के कामकाज करती रहेगी।

MSWA ने अपनी याचिका में कहा था कि 30 जून 2022 को हुई बैठक में WFI की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमिटी ने जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश से तत्कालीन BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह कर रहे थे। कुछ टूर्नामेंट आयोजित न कर पाने का हवाला देते हुए MSWA की कमिटी को भंग करने का फ़ैसला किया। MSWA का तर्क था कि यह फ़ैसला मनमाना था।

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