प्रधानमंत्री पर पोस्ट मामले में यूट्यूबर को राहत, बॉम्बे हाइकोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने की दी अनुमति
बॉम्बे हाइकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आरोपी डॉक्टर और यूट्यूबर डॉ. संग्राम पाटिल को राहत देते हुए उन्हें हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी।
जस्टिस अश्विन भोबे की एकल पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता विदेश (UK) लौटना चाहते हैं तो उन्हें यह आश्वासन देना होगा कि वे जांच में लगातार सहयोग करते रहेंगे। अदालत ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि इस अनुरोध पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट ने दलील दी कि डॉ. पाटिल पहले से ही जांच में सहयोग कर रहे हैं और उनसे आखिरी बार 21 जनवरी को पूछताछ की गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि दर्ज एफआईआर के तहत हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। इसलिए उन्हें अपने कार्य पर लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए।
साथ ही यह भी बताया गया कि पुलिस द्वारा मोबाइल फोन मांगे जाने पर याचिकाकर्ता ने मना किया, क्योंकि उसमें उनके मरीजों की गोपनीय जानकारी है, जिसे साझा करना संभव नहीं है।
वहीं राज्य की ओर से एडवोकेट जरनल ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि डॉ. पाटिल का एक फेसबुक पेज से क्या संबंध है, जिसने इसी तरह की पोस्ट शेयर की थी। उनका कहना था कि ऐसी पोस्ट से समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की।