Krishna Janmabhoomi Dispute | साइट पर एंट्री और 'कार सेवा' पर रोक की मांग वाली याचिका: हाईकोर्ट ने DM और SSP से मांगी रिपोर्ट

Update: 2026-07-17 13:32 GMT

श्री कृष्ण जन्मभूमि मालिकाना हक विवाद के चल रहे मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अर्ज़ी दी गई। इसमें अधिकारियों से मांग की गई कि वे किसी भी व्यक्ति या समूह को विवादित जगह पर मीटिंग करने, "कार सेवा" करने या कोई कार्यक्रम आयोजित करने से रोकें।

यह अर्ज़ी आशुतोष महाराज ने वकील रीना एन. सिंह के ज़रिए दायर की। वह खुद को मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (रजिस्टर्ड) का अध्यक्ष बताते हैं।

अर्ज़ी में खास तौर पर राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की गई कि वे किसी भी व्यक्ति या समूह को विवादित जगह पर मीटिंग, कार सेवा या कोई कार्यक्रम आयोजित करने के मकसद से घुसने से रोकें, जिससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है।

अर्ज़ी को रिकॉर्ड पर लेते हुए और उस पर आपत्तियां आमंत्रित करते हुए जस्टिस अवनीश सक्सेना की बेंच ने मथुरा के ज़िला मजिस्ट्रेट और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) को निर्देश दिया कि वे अगली तारीख (25 अगस्त) से पहले सीलबंद लिफ़ाफ़े में अपनी रिपोर्ट दाखिल करें।

उल्लेखनीय है कि सिंगल जज को यह भी बताया गया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मथुरा की ज़िला अदालत में मध्यस्थता की कार्यवाही चल रही है।

बेंच को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने लोक अदालत के लिए अगली तारीख 21.08.2026 से 23.08.2026 तय की।

इस जानकारी को देखते हुए बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त के लिए तय की।

गौरतलब है कि हाई कोर्ट अभी कृष्ण जन्मभूमि मालिकाना हक विवाद से जुड़े 18 सिविल मुकदमों की सुनवाई कर रहा है।

इन मामलों में एक आम मांग यह है कि मथुरा में कटरा केशव देव मंदिर के साथ 13.37 एकड़ के परिसर में मौजूद शाही ईदगाह मस्जिद को हटाया जाए। अन्य मांगों में शाही ईदगाह परिसर का कब्ज़ा हासिल करना और मौजूदा ढांचे को गिराना शामिल है।

अगस्त 2024 में हाईकोर्ट ने मथुरा की शाही ईदगाह (मस्जिद) कमिटी की 'ऑर्डर 7 रूल 11 CPC' वाली याचिका खारिज की। इस याचिका में हिंदू श्रद्धालुओं और देवता श्री कृष्ण विराजमान द्वारा दायर 18 मुकदमों की वैधता को चुनौती दी गई थी; ये मुकदमे मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े है।

हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट (प्रशासनिक पक्ष) ने इस मामले से जुड़े पक्षों को पत्र लिखकर 'सुप्रीम कोर्ट एक्शन फॉर मीडिएटेड एडजुडिकेशन एंड डिस्प्यूट्स हार्मोनाइज़ेशन अक्रॉस नेशन - समाधान समारोह 2026' के तहत तीन विवादों के आपसी समझौते की संभावना तलाशने को कहा।

"समाधान समारोह" को बातचीत और आपसी समझौते से समाधान निकालने के लिए एक मंच के तौर पर प्रस्तावित किया गया। हालांकि कोई भी समझौता पूरी तरह से संबंधित पक्षों की सहमति पर निर्भर करेगा।

यह कार्यक्रम 21 अगस्त से 23 अगस्त तक चलेगा।

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