किसी संस्था या ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने से पहले कारण और सामग्री के साथ नोटिस देना जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

Update: 2026-04-19 09:24 GMT

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी संस्था या ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने से पहले केवल शो कॉज नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस नोटिस में ब्लैकलिस्टिंग के लिए आवश्यक कारण और संबंधित सामग्री (grounds and materials) का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अभ्धेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि

“ब्लैकलिस्टिंग आदेश से पहले शो कॉज नोटिस देना जरूरी शर्त है, लेकिन इसके साथ ही उस नोटिस में प्रस्तावित कार्रवाई के आधार और सामग्री का उल्लेख भी अनिवार्य है।”

मामले में याचिकाकर्ता ने ठेका समाप्त करने और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि न तो उसे कोई शो कॉज नोटिस दिया गया और न ही ब्लैकलिस्टिंग आदेश में इसका जिक्र किया गया। साथ ही, आदेश उसे एक साल बाद दिया गया और किए गए कार्य का भुगतान भी नहीं किया गया।

कोर्ट ने कहा कि ठेका समाप्त करने और बकाया भुगतान से जुड़े विवाद के लिए याचिकाकर्ता के पास मध्यस्थता (arbitration) का उपाय उपलब्ध है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अनिश्चित काल (indefinite) के लिए ब्लैकलिस्टिंग कानूनन स्वीकार्य नहीं है।

कोर्ट ने पाया कि प्रतिवादी यह साबित करने में असफल रहे कि याचिकाकर्ता को कोई शो कॉज नोटिस दिया गया था या सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया था।

इस आधार पर हाईकोर्ट ने ब्लैकलिस्टिंग से संबंधित आदेश को रद्द (quash) कर दिया, जबकि अन्य मुद्दों को यथावत रखा।

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