केरल हाईकोर्ट ने उपलब्ध कराए गए कॉटेज में नाबालिगों पर यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट नहीं करने वाली महिला के खिलाफ POCSO मामला रद्द करने से इनकार किया

  • केरल हाईकोर्ट ने उपलब्ध कराए गए कॉटेज में नाबालिगों पर यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट नहीं करने वाली महिला के खिलाफ POCSO मामला रद्द करने से इनकार किया

    केरल हाईकोर्ट ने POCSO कानून के तहत उन कॉटेज की महिला प्रभारी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया है, जहां दो नाबालिगों के साथ कथित रूप से बलात्कार किया गया था।

    याचिकाकर्ता ने दो अंतिम रिपोर्टों को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां कहा गया था कि उसने आरोपी को कॉटेज में कमरे उपलब्ध कराए थे, जो उसका दोस्त है, इस तरह के कॉटेज को चलाने के लिए आवश्यकताओं को पूरा किए बिना। उस पर आरोप लगाया गया था कि उसने अपराध की रिपोर्ट नहीं करने के लिए यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम अधिनियम की धारा 21 r/w धारा 19 (1) के तहत अपराध किया था।

    आरोपी कथित तौर पर 15 वर्षीय पीड़िता को याचिकाकर्ता द्वारा संचालित झोपड़ी में ले आए। उसने कथित तौर पर कमरे के अंदर पीड़ितों में से एक के साथ बलात्कार किया। उसने कथित तौर पर दूसरे बच्चे को यौन उत्पीड़न के अधीन किया। याचिकाकर्ता को इन मामलों में दूसरे आरोपी के रूप में पेश किया गया है।

    याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि प्राथमिकी और प्राथमिकी में पीड़ितों ने उसका नाम नहीं दिया था। उसने आगे कहा कि कॉटेज चलाने का लाइसेंस उसके पति के नाम पर था। उसने दलील दी कि केवल उसके पति को आरोपी बनाया जा सकता है, उसे नहीं।

    जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने हालांकि कहा कि कथित अपराध होने के दिन उनके पति के नाम का लाइसेंस समाप्त हो गया था। उस समय कॉटेज बिना वैध लाइसेंस के चल रहा था। अदालत ने कहा कि जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि उस समय याचिकाकर्ता द्वारा कॉटेज चलाया गया था।

    तदनुसार, याचिका खारिज कर दी गई।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story