परिचर्चा : क्या भारत को राष्ट्रपति प्रणाली अपनानी चाहिए या संसदीय प्रणाली के साथ बने रहना चाहिए? (आज शाम 5 बजे)

Debate On "Should India Adopt The Presidential System Or Stay With The Parliamentary System ?"

Update: 2020-09-14 05:04 GMT

लाइव लॉ के साथ मिलकर Project Constitutionalism द्वारा इस विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है कि "क्या भारत को राष्ट्रपति प्रणाली अपनानी चाहिए या संसदीय प्रणाली के साथ बने चाहिए?" (Should India adopt the Presidential System or Stay with the Parliamentary System?)

दिनांक और समय: 14 सितंबर, शाम 5 बजे से शाम 6:15 बजे तक

पैनलिस्ट का विवरण

श्री भानु धमीजा :संस्थापक सीएमडी, दिव्य हिमाचल मेडिकल ग्रुप और लेखक, भारत को राष्ट्रपति प्रणाली की आवश्यकता क्यों है (हार्पर कॉलिन्स, 2015)

प्रोफेसर तरुणभान खेतान: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सार्वजनिक कानून और कानूनी सिद्धांत के प्रोफेसर, मेलबोर्न विश्वविद्यालय में लॉ प्रोफेसर।

की नोट स्पीकर : संसद सदस्य डॉ. शशि थरूर

इस कार्यक्रम का संचालन सुप्रीम कोर्ट की वकील सुश्री सृष्टि अग्निहोत्री द्वारा किया जाएगा।

विवरण इस प्रकार है:

ज़ूम मीटिंग आईडी:

https://zoom.us/j/97178648883?pwd=TFd4UmZ2MGVQVFRYZFowcnNHK0IyQT09

मीटिंग आईडी: 971 7864 8883

पासवर्ड: 307113

YouTube लिंक:

https://www.youtube.com/watch?v=uL4pmAhBGRI

फेसबुक लिंक:

https://www.facebook.com/livelawindia/

इंस्टाग्राम लिंक:

https://www.instagram.com/livelaw.in/

अधिक जानकारी के लिए हमें info@livelaw.in पर लिखें या हमसे +91 7994869917 पर संपर्क करें।

Similar News