रामगंगा-सरयू संगम क्षेत्र में खनन पर सख्ती, हाईकोर्ट ने भारी मशीनों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाई

Update: 2026-05-01 12:14 GMT

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रामगंगा-सरयू नदी संगम क्षेत्र में खनन कार्यों के दौरान भारी मशीनों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया।

अदालत ने प्रशासन को सुनिश्चित करने को कहा कि संबंधित खनन क्षेत्रों में किसी भी पट्टाधारक द्वारा भारी मशीनों का उपयोग न किया जाए।

जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और जस्टिस सिद्धार्थ साह की खंडपीठ पिथौरागढ़ निवासी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिका में आरोप लगाया गया कि खनन पट्टाधारक नियमों के विपरीत पोकलेन और जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग कर रहे हैं।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि खनन कार्यों में भारी मशीनों के उपयोग की अनुमति नहीं है और केवल सीमित परिस्थितियों, जैसे ड्रेजिंग, में निर्धारित शर्तों के अधीन इसकी इजाजत दी जा सकती है।

सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि कोई भी खनन पट्टाधारक खनन उद्देश्य से भारी मशीनों का इस्तेमाल न करे।

अदालत ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी स्वयं अथवा तहसीलदार से कम रैंक के न होने वाले अधिकारी के माध्यम से नियमित रूप से औचक निरीक्षण कराएं ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि संबंधित खनन क्षेत्रों में भारी मशीनों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए।

इन निर्देशों के साथ अदालत ने याचिका का निस्तारण किया।

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