आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : सभी हाईकोर्ट्स को निगरानी के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर अवमानना कार्रवाई की चेतावनी

Update: 2026-05-20 06:33 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर के सभी हाईकोर्ट्स को निर्देश दिया कि वे आवारा कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों से हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की निगरानी के लिए स्वतः संज्ञान (Suo Motu) रिट याचिकाएं दर्ज करें।

अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का लगातार उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही (Contempt Proceedings) शुरू की जा सकती है।

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने यह निर्देश आवारा कुत्तों के हमलों से संबंधित स्वतः संज्ञान मामले में जारी किए।

अदालत ने कहा कि सभी हाईकोर्ट “In Re Compliance With The Directions Issued By Supreme Court…” शीर्षक से मामलों का पंजीकरण करें और संबंधित राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में आदेशों के पालन की निगरानी करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देशभर में प्रतिदिन अनुपालन की निगरानी करना उसके लिए प्रशासनिक रूप से कठिन होगा, इसलिए हाईकोर्ट स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अधिक प्रभावी और त्वरित हस्तक्षेप कर सकेंगे।

अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट्स जरूरत पड़ने पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त निर्देश भी जारी कर सकते हैं, बशर्ते सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की मूल भावना कमजोर न हो।

अदालत ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करने, प्रत्येक जिले में कम से कम एक Animal Birth Control (ABC) केंद्र स्थापित करने तथा सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भी हाईवे और एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तंत्र तैयार करने का आदेश दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि नगर निकायों या राज्य अधिकारियों द्वारा आदेशों की जानबूझकर अनदेखी की गई, तो उनके खिलाफ अवमानना, अनुशासनात्मक कार्रवाई और अन्य कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेशों के पालन में ईमानदारी से कार्य करने वाले अधिकारियों को कानूनी संरक्षण दिया जाएगा।

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