नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अस्थि-अवशेष भारत लाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता पफाफ की उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें जापान से नेताजी के अस्थि-अवशेष भारत लाने की मांग की गई है।
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने याचिका पर नोटिस जारी किया। नेताजी की बेटी की ओर से सीनियर एडवोकेट डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए।
इससे पहले नेताजी के ग्रैंड-नेफ्यू आशीष रे ने इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि नेताजी की बेटी, जो उनकी sole heir हैं, याचिकाकर्ता नहीं हैं। इसके बाद डॉ. सिंघवी ने बताया था कि नेताजी की बेटी इसी मांग को लेकर नई याचिका दाखिल करेंगी।
याचिका में क्या मांग?
अनीता पफाफ ने सुप्रीम कोर्ट से जापान के टोक्यो स्थित Renko-ji Temple में रखे नेताजी के अस्थि-अवशेष/कलश को संरक्षित रखने और उसकी स्थिति यथावत बनाए रखने के लिए विदेश मंत्रालय के माध्यम से औपचारिक संवाद शुरू करने का निर्देश मांगा है।
याचिका में केंद्र से एक Inter-Ministerial Committee गठित करने और नेताजी के अस्थि-अवशेषों को भारत वापस लाने या उनकी repatriation की सुविधा के लिए समयबद्ध Action Plan पेश करने की भी मांग की गई है।