'क्या हम कह दें कि हिंदू देवी-देवताओं पर कोई फिल्म नहीं बन सकती?' : सुप्रीम कोर्ट ने 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म पर रोक लगाने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दीं।
जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने 17 जुलाई के अपने आदेश में संशोधन से इनकार करते हुए फिल्म की रिलीज की अनुमति बरकरार रखी।
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यदि कुछ लोगों की धार्मिक संवेदनाओं के आधार पर कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर रोक लगाई जाने लगे, तो फिर रामायण, महाभारत और हिंदू देवी-देवताओं पर कोई फिल्म, टीवी शो, चित्रकला या मूर्तिकला भी नहीं बनाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कलाकारों की रचनात्मकता को इस तरह प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ को कथित रूप से आपत्तिजनक एनिमेटेड रूप में दिखाया गया है और निर्माता ने पहले बदलाव का आश्वासन दिया था, जिसे पूरा नहीं किया गया।
वहीं, निर्माता की ओर से सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने कहा कि ऐसा कोई बाध्यकारी आश्वासन नहीं दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन आवेदन खारिज करते हुए कहा कि यदि निर्माता अपनी इच्छा से फिल्म में कोई बदलाव करना चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन अदालत इस पर निर्णय नहीं देगी।
गौरतलब है कि उड़ीसा हाईकोर्ट ने 15 जुलाई को फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई को आदेश दिया था कि पुरी की रथ यात्रा 28 जुलाई को समाप्त होने के बाद फिल्म रिलीज की जा सकती है।
बुधवार को कोर्ट ने उसी आदेश को बरकरार रखा।