पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी में कुलपतियों की नियुक्ति संतोषजनक, केवल 3 पद शेष: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के यूनिवर्सिटी में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर संतोष व्यक्त किया।
अदालत को बताया गया कि अब केवल 3 यूनिवर्सिटी में कुलपति की नियुक्ति शेष है। बाकी सभी यूनिवर्सिटी में नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ को यह जानकारी राज्य सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता तथा राज्यपाल की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने दी।
पीठ ने अपने आदेश में कहा,
“हमें यह दर्ज करते हुए अत्यंत संतोष हो रहा है कि 3 यूनिवर्सिटी को छोड़कर सभी में कुलपतियों की नियुक्ति हो चुकी है। शेष 3 के संबंध में हमें पूर्व चीफ जस्टिस और चयन समिति के अध्यक्ष जस्टिस यू.यू. ललित का पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया है कि चयन समिति मार्च 2026 के प्रथम सप्ताह में इंटरव्यू आयोजित करने की संभावना रखती है।”
मामला पश्चिम बंगाल के 36 यूनिवर्सिटी में कुलपतियों की नियुक्ति से संबंधित है। राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच उत्पन्न गतिरोध के कारण नियुक्तियां लंबित थीं। अदालत के हस्तक्षेप और जस्टिस यू.यू. ललित की अध्यक्षता में गठित चयन समिति के प्रयासों से चरणबद्ध तरीके से 25 यूनिवर्सिटी में नामों को अंतिम रूप दिया गया।
इसके बाद शेष 11 यूनिवर्सिटी का प्रश्न लंबित था। जनवरी में अदालत को बताया गया कि 8 और नामों को मंजूरी मिल गई है। अब केवल 3 यूनिवर्सिटी में नियुक्ति प्रक्रिया शेष है, जिसके लिए चयन समिति मार्च के आरंभ में इंटरव्यू आयोजित करेगी।
अदालत ने उम्मीद जताई कि शेष नियुक्तियां भी शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी, जिससे राज्य के यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।