BREAKING| मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा उम्मीदवारी रद्द करने के खिलाफ याचिका पर कल सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस सदस्य मीनाक्षी नटराजन की उस रिट याचिका कल (शुक्रवार) सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई, जिसमें मध्य प्रदेश से उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी रद्द किए जाने को चुनौती दी गई।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी के तत्काल सुनवाई के मौखिक अनुरोध के बाद मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।
सिंघवी ने आज या कल (शुक्रवार) तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि नामांकन वापस लेने का आज आखिरी दिन है। सिंघवी ने आग्रह किया कि परिणाम घोषित करने पर रोक लगाने का आदेश पारित किया जाए।
उन्होंने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने के आधार पर उनका नामांकन रद्द कर दिया था। उन्होंने तर्क दिया कि संबंधित आपराधिक मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया और उन्हें केवल BNSS की धारा 223 के तहत संज्ञान-पूर्व समन जारी किया गया। उनके अनुसार, 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' की धारा 33A के तहत, केवल उन्हीं आपराधिक मामलों का खुलासा करना आवश्यक है जिन पर संज्ञान लिया गया हो।
जस्टिस मिश्रा ने पूछा,
"यह याचिका सुनवाई योग्य कैसे है?"
उन्होंने कहा कि चुनावी मामलों में अदालतें अंतरिम चरण में हस्तक्षेप नहीं करती हैं।
सिंघवी ने तर्क दिया कि गंभीर त्रुटियों के मामलों में अदालतें हस्तक्षेप कर सकती हैं।
प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति जताई। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट दामा शेषद्रि नायडू ने भी याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए।
अंततः, बेंच मामले को कल (शुक्रवार) सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गई।
Case Details : Meenakshi Natarajan v. Election Commission of India | Diary No.36330/2026