NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- सभी मामले जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा की पीठ के समक्ष
सुप्रीम कोर्ट ने 21 जून को प्रस्तावित NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से जुड़े मामलों पर तत्काल सुनवाई की मांग खारिज की। अदालत ने कहा कि परीक्षा से संबंधित सभी याचिकाएं पहले से ही जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित हैं और वही उन पर विचार करेगी।
मामले का उल्लेख चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के समक्ष नीट अभ्यर्थियों की ओर से पेश वकीलों ने किया था।
जब पुनर्परीक्षा से संबंधित एक याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया, तो चीफ जस्टिस ने स्पष्ट कहा,
"NEET से जुड़े सभी मामले जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा की पीठ के समक्ष जाएंगे। इसमें कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है।"
इसके बाद एक अन्य वकील ने लगभग 1600 नीट अभ्यर्थियों से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और दिल्ली हाईकोर्ट में हुई हालिया कार्यवाही के कारण छात्र भारी मानसिक दबाव और चिंता में हैं।
वकील ने अदालत को बताया कि छात्रों के बीच पेपर लीक और अन्य घटनाओं को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई।
उन्होंने यह भी कहा कि 21 जून की पुनर्परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में भी कई स्टूडेंट्स को परेशानी हो रही है। कुछ अभ्यर्थी प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं, जबकि कुछ को अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का विवरण मिल रहा है। ऐसे में छात्रों के पास तैयारी और यात्रा की व्यवस्था के लिए बहुत कम समय बचा है।
हालांकि, चीफ जस्टिस ने इन दलीलों पर कोई अलग राहत देने से इनकार किया और कहा,
"हम इस अनुरोध पर विचार नहीं करेंगे।"
जब वकील ने कम से कम मामले को पहले से लंबित NEET मामलों के साथ जोड़ने का अनुरोध किया ताकि छात्रों की आशंकाओं पर विचार किया जा सके, तब भी चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी संबंधित मुद्दों पर वही पीठ सुनवाई करेगी, जिसके समक्ष NEET से जुड़े मामले पहले से लंबित हैं।
चीफ जस्टिस ने कहा कि अदालत इस बात से अवगत है कि विभिन्न मंचों पर कई तरह की जानकारियां और दावे सामने आ रहे हैं लेकिन सभी याचिकाओं पर उचित समय पर संबंधित पीठ ही विचार करेगी।
अदालत ने किसी भी प्रकार की तत्काल राहत या अलग से सुनवाई का आदेश देने से इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि पुनर्परीक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा की पीठ के समक्ष लंबित मामलों के साथ ही सुनवाई होगी।
इस प्रकार, 21 जून को निर्धारित NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई चिंताओं पर फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया गया।