केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को अपनी वे याचिकाएं वापस लीं, जिनमें 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की सुनवाई को पश्चिम बंगाल से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की गई।

CBI की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बदले हुए हालात का हवाला देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच से इन ट्रांसफर याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी।

ये याचिकाएं 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों के संबंध में दायर की गई थीं।

केंद्रीय एजेंसी ने अपनी याचिकाओं में गवाहों को डराने-धमकाने की आशंका और निष्पक्ष सुनवाई पर खतरे का जिक्र किया था।

CBI ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें सिफारिश की गई कि CBI द्वारा जांच किए गए सभी मामलों की सुनवाई राज्य के बाहर होनी चाहिए।

मई 2026 में विधानसभा चुनावों के बाद सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में BJP सरकार सत्ता में आई, जिसने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन की जगह ली।

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