सांभर झील के पास सौर परियोजना को हाईकोर्ट की मंजूरी, प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए लगाए कड़े निर्देश

Update: 2026-05-06 06:31 GMT

राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर जिले में सांभर झील के निकट प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को अनुमति दी। साथ ही प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई शर्तें भी लगाईं।

एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि जिस भूमि पर परियोजना स्थापित की जानी है। वह सांभर झील अथवा किसी अधिसूचित आर्द्रभूमि का हिस्सा नहीं है, हालांकि यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल है।

अदालत ने कहा कि शीतकाल में इस क्षेत्र में आने वाले पक्षियों की सुरक्षा करना न्यायालय का दायित्व है। इसी दृष्टि से सावधानी सिद्धांत का हवाला देते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि सौर पैनल कम से कम 1.5 मीटर की ऊंचाई पर लगाए जाएं ताकि उनके नीचे प्रवासी पक्षी बिना बाधा के घोंसला बना सकें अंडे दे सकें और प्रजनन कर सकें।

खंडपीठ ने कहा,

“परियोजना केंद्र सरकार की एजेंसी के अधीन होने के कारण प्रोत्साहन योग्य है। साथ ही पारिस्थितिक संतुलन और पक्षी आवास की सुरक्षा भी समान रूप से आवश्यक है।”

मामले में परियोजना हासिल करने वाली संस्था ने अदालत से उस अंतरिम आदेश को हटाने की मांग की थी, जिसके तहत परियोजना पर रोक लगाई गई। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि परियोजना स्थल नमक क्षेत्र और आर्द्रभूमि है, इसलिए वहां निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

हालांकि, विशेषज्ञों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत ने माना कि केवल भूमि का राजस्व अभिलेखों में लवण क्षेत्र दर्ज होना यह सिद्ध नहीं करता कि वह भूमि सांभर झील या अधिसूचित आर्द्रभूमि का हिस्सा है।

अदालत ने कहा कि सांभर झील केवल नमक उत्पादन का क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रवासी पक्षियों का महत्वपूर्ण प्रजनन केंद्र भी है। इसलिए सतत विकास के सिद्धांत के तहत विकास कार्य तभी स्वीकार्य हैं जब पर्याप्त पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं।

हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि परियोजना के लिए पेड़ काटे जाते हैं तो उनकी संख्या से तीन गुना अधिक पौधे आसपास लगाए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्षा ऋतु में भूमि पर पानी के प्राकृतिक प्रवाह में कोई बाधा न हो, ताकि प्रवासी पक्षी उसका उपयोग कर सकें।

इन शर्तों के साथ अदालत ने सौर परियोजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दी।

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