ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग लॉकअप नहीं, नई व्यवस्था के लिए 25.86 करोड़ का प्रस्ताव: पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में बताया
पंजाब सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट को बताया कि फिलहाल राज्य के किसी भी थाने या जेल में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग लॉकअप की व्यवस्था नहीं है। हालांकि, ऐसी सुविधा विकसित करने के लिए करीब 25.86 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
यह जानकारी राज्य सरकार ने एक जनहित याचिका पर दाखिल हलफनामे में दी, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग वार्ड, लॉकअप, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था बनाने की मांग की गई।
सरकार की ओर से प्रस्तुत हलफनामे में कहा गया कि सभी जिलों से आवश्यकताओं और खर्च का आकलन कराया गया, जिसके आधार पर 25,86,17,500 रुपये की राशि तय की गई।
इस प्रस्ताव को गृह विभाग के पास भेजा गया है और इसे वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट में शामिल किए जाने पर विचार किया जाएगा।
अदालत ने पहले राज्य से पूछा था कि क्या जेलों और थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग सेल मौजूद हैं। खासकर तब जब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस संबंध में निर्देश दिए गए।
सरकार ने यह भी बताया कि फिलहाल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान या तो सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच के जरिए की जाती है या फिर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों के आधार पर।
इसके अलावा, राज्य पुलिस ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए एक विशेष ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल बनाने को भी मंजूरी दी, जिसमें आवश्यक ढांचा, स्टाफ और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
राज्य ने हाईकोर्ट को अवगत कराया कि भले ही वर्तमान में अलग लॉकअप की सुविधा नहीं है लेकिन इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।