दल बदल के बाद कार्रवाई का आरोप: ट्राइडेंट की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Update: 2026-05-04 11:42 GMT

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्राइडेंट लिमिटेड की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें कंपनी ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उसके बरनाला स्थित संयंत्र पर की गई कथित छापेमारी के बाद किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

कंपनी का आरोप है कि यह कार्रवाई उसके मालिक और सांसद राजिंदर गुप्ता द्वारा आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद की गई।

चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि बोर्ड को केवल कानून और विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई करनी होगी।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वैधानिक प्रक्रिया के तहत नमूने तीन प्रतियों में लिए जाने चाहिए एक उद्योग के लिए, एक बोर्ड के लिए और एक परीक्षण हेतु लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की आवाजाही सीमित कर दी गई और देर रात हस्तलिखित रिपोर्ट पर “विरोध सहित” हस्ताक्षर कराए गए।

कंपनी ने आशंका जताई कि कथित प्रतिकूल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संयंत्र बंद करने, बिजली काटने जैसी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

ट्राइडेंट की ओर से सीनियर एडवोकेट मुनीषा गांधी ने दलील दी कि यह कार्रवाई पर्यावरणीय उल्लंघन के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक निष्ठा बदलने के कारण की गई।

वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सीनियर एडवोकेट डी.एस. पटवालिया ने प्रतिशोध के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल नियमित वैधानिक निरीक्षण था।

सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की,

“समय-परिस्थिति ऐसी है कि आपके मन में आशंका पैदा होना स्वाभाविक है। इसमें संदेह नहीं।”

हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कार्रवाई की जाती है तो वह कानून और उचित प्रक्रिया के अनुरूप ही होनी चाहिए।

मामले में हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

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