मद्रास हाईकोर्ट ने अभिनेत्री तमन्ना भाटिया की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पावर सोप्स कंपनी से बिना अनुमति उनकी तस्वीरों के इस्तेमाल के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी।
जस्टिस पी. वेलमुरुगन और जस्टिस के. गोविंदराजन तिलकावडी की खंडपीठ ने 2017 में सिंगल जज द्वारा दिए गए आदेश को बरकरार रखा।
क्या है मामला?
तमन्ना ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्होंने 7 अक्टूबर 2008 को पावर सोप्स के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत कंपनी को उनके फोटो साबुन के रैपर पर इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। यह समझौता 6 अक्टूबर 2009 तक वैध था और इसके बाद इसे नवीनीकृत नहीं किया गया।
अभिनेत्री का आरोप था कि समझौता खत्म होने के बाद भी कंपनी उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करती रही, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ और उन्होंने 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की।
कंपनी का पक्ष
कंपनी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि तमन्ना ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है और मुआवजे की मांग “काल्पनिक” है।
कोर्ट का फैसला
सिंगल जज ने तमन्ना द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि वे विश्वसनीय नहीं हैं और यह साबित नहीं होता कि कंपनी ने समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद उनकी तस्वीरों का उपयोग किया।
इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी और कोई मुआवजा देने से इनकार किया था।
अब हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भी इस फैसले को सही ठहराते हुए तमन्ना की अपील खारिज कर दी है।
निष्कर्ष
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त और विश्वसनीय सबूत के मुआवजे का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।