BJP नेताओ पर NaMo App के जरिए फंड जुटाने में धोखाधड़ी का आरोप, मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर

Update: 2026-04-16 08:31 GMT

मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके नेताओं पर NaMo ऐप के माध्यम से कथित रूप से धोखाधड़ी कर धन जुटाने का आरोप लगाया गया। याचिकाकर्ता ने इस मामले की जांच कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

याचिका चेन्नई निवासी बीआर अरविंदाक्षन ने दायर की, जिसमें कहा गया कि NaMo ऐप और वेबसाइट के जरिए जनता से चंदा लिया गया लेकिन इसे सरकारी योजनाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविकता में यह धन राजनीतिक दल के लिए एकत्र किया गया।

याचिका में BJP के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और नमो ऐप के मुख्य शिकायत अधिकारी अमित मालवीय के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई।

याचिकाकर्ता का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल प्रचार के माध्यम से लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि वे सरकारी योजनाओं जैसे स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और किसान सेवा के लिए योगदान दे रहे हैं जबकि वास्तव में यह राशि पार्टी के खाते में जा रही थी।

याचिका में आरोप लगाया गया,

“जनता को मीठे प्रचार के जरिए बहलाकर सरकारी योजनाओं के नाम पर धन एकत्र किया गया, जो वास्तव में अवैध रूप से पार्टी के लिए संपत्ति जुटाने का तरीका था।”

याचिकाकर्ता ने बताया कि दान देने के बाद उन्हें जो रसीद मिली, वह BJP के केंद्रीय कार्यालय से जारी हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि धन पार्टी को ही गया।

इस मामले में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके तहत कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी योजनाओं के नाम पर धन एकत्र कर सके।

याचिका में यह भी कहा गया कि नमो ऐप सरकारी प्लेटफॉर्म नहीं है, बावजूद इसके इसका उपयोग प्रधानमंत्री और सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए किया जाता है, जिससे आम जनता में भ्रम पैदा होता है।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की कि इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी या चेन्नई पुलिस से कराई जाए और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

इसके साथ ही अंतरिम राहत के रूप में ऐप के जरिए जुटाए गए धन का पूरा हिसाब पेश करने और मामले के निस्तारण तक ऐप के संचालन पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।

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