ट्विशा शर्मा दहेज मौत मामला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एम्स दिल्ली की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के दिए निर्देश

Update: 2026-05-22 10:12 GMT

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा दहेज मौत मामले में बड़ा आदेश देते हुए मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी। अदालत ने निर्देश दिया कि दूसरा पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम द्वारा भोपाल में किया जाए।

जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को ट्विशा शर्मा के पिता की याचिका पर यह आदेश पारित किया।सुनवाई के दौरान पति पक्ष के वकील ने दोबारा पोस्टमार्टम का विरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का अपमान होगा। उन्होंने दलील दी कि पहले पोस्टमार्टम पर संदेह जताने के लिए यह दिखाना जरूरी है कि उससे पक्षकार असंतुष्ट हैं।

वहीं राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आरोपी को दूसरे पोस्टमार्टम का विरोध करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने अदालत से कहा,

“यह मामला अदालत, पीड़ित परिवार और राज्य के बीच का है। यदि एक पिता अपनी बेटी की मौत के बाद संतुष्टि के लिए दूसरी विशेषज्ञ टीम से जांच कराना चाहता है तो अभियोजन को इसमें आपत्ति नहीं होनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि पहले पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की क्षमता पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन यदि पीड़ित पक्ष दूसरी राय चाहता है तो उसे रोका नहीं जाना चाहिए।

सुनवाई के दौरान पति पक्ष के सीनियर वकील ने मांग की कि मृतका का शव ससुराल पक्ष को सौंपा जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। हालांकि, अदालत ने फिलहाल शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मृतका ट्विशा शर्मा का शव, जो फिलहाल एम्स भोपाल की मोर्चरी में रखा है, उसे सुरक्षित रखा जाए और शरीर को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर संरक्षित किया जाए।

अदालत ने कहा कि शुरुआत में यह विचार किया गया कि शव को दिल्ली भेजा जाए या विशेषज्ञ टीम को भोपाल बुलाया जाए। इस पर राज्य सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह विशेषज्ञ टीम को विशेष विमान से भोपाल लाने सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं करेगी।

हाईकोर्ट ने कहा,

“अदालत की राय में सभी पक्षों के हित में यही होगा कि दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए।”

अदालत ने एम्स दिल्ली के निदेशक से विशेषज्ञों की टीम गठित करने का अनुरोध किया, जो जल्द से जल्द भोपाल पहुंचकर पोस्टमार्टम करेगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया मृतका की गरिमा बनाए रखते हुए की जाए और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। वीडियोग्राफी रिपोर्ट को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा।

इसी के साथ हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा किया।

Tags:    

Similar News