गोला-बारूद कोटा कटौती पर लंबित चुनौती के बीच एमपी हाइकोर्ट का अंतरिम आदेश, निशानेबाजों को 1,000 कारतूस जारी करने के निर्देश

Update: 2026-02-24 11:05 GMT

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट आगामी प्रतियोगिताओं को देखते हुए प्रसिद्ध और उभरते निशानेबाजों को अंतरिम राहत देते हुए प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1,000 कारतूस जारी करने के निर्देश दिए ।

यह आदेश गोला-बारूद के कोटा में की गई कटौती को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया।

जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कहा,

“इन परिस्थितियों में और प्रत्युत्तर के पैरा 21 को ध्यान में रखते हुए प्रतिवादी अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1,000 कारतूस जारी किए जाएं, ताकि वे आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सकें। 1,000 कारतूस समाप्त होने के बाद वे प्रतिवादी क्रमांक 4/कलेक्टर को सूचित करेंगे, जो उनके उपयोग का सत्यापन कर आगे कारतूस जारी करना सुनिश्चित करेंगे।”

याचिकाकर्ताओं का पक्ष

मुख्य याचिकाकर्ता वर्ष 2017 से लाइसेंसधारी हैं और राष्ट्रीय राइफल संघ के पंजीकृत निशानेबाज हैं। उन्हें “रेनाउंड शूटर” के रूप में प्रमाणित किया गया। वे कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं और वर्ष 2017 में जूनियर विश्व कप शॉटगन में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

अन्य उभरते निशानेबाजों ने भी समान राहत की मांग करते हुए याचिका दायर की।

शस्त्र नियम, 2016 के अनुसार रेनाउंड शूटर एक बार में 50,000 कारतूस खरीद सकते हैं, जबकि वार्षिक सीमा 1,00,000 कारतूस तक निर्धारित है।

12 फरवरी 2020 की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार ऐसे निशानेबाज अधिकतम 14 आग्नेयास्त्र अपने पास रख सकते हैं।

याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने सभी आयात राष्ट्रीय राइफल संघ के माध्यम से विधिसम्मत तरीके से किए।

कोटा में भारी कटौती

अगस्त 2025 में भोपाल कलेक्टर ने याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर उनके हथियारों, कारतूस खरीद और प्रतियोगिताओं में भागीदारी का विवरण मांगा।

याचिका के अनुसार, यह नोटिस लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया और इसमें कोटा घटाने का कोई संकेत नहीं था।

बाद में एक जांच समिति ने उनके कोटा को 50,000 (वार्षिक 1,00,000) से घटाकर 5,000 (वार्षिक 10,000) करने की सिफारिश की। लेकिन 23 दिसंबर 2025 के आदेश में कलेक्टर ने कोटा और घटाकर केवल 500 कारतूस प्रति बार (अधिकतम 1,000 वार्षिक) कर दिया तथा एक आग्नेयास्त्र को लाइसेंस से निरस्त कर दिया।

याचिका में कहा गया कि यह कार्रवाई शस्त्र अधिनियम के तहत कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और बिना उचित नोटिस के की गई। इससे निशानेबाजों की प्रशिक्षण और प्रतियोगिता की तैयारी पर गंभीर असर पड़ा है।

राज्य का पक्ष और अदालत का निर्देश

राज्य की ओर से कहा गया कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को अभ्यास के लिए 1,000 कारतूस जारी किए जाएंगे। उचित उपयोग का प्रमाण देने पर आगे की मात्रा भी दी जा सकती है।

आगामी प्रतियोगिताओं की तात्कालिकता को देखते हुए अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान की। साथ ही पीठ ने निर्देश दिया कि खेल श्रेणी के हथियारों के उपयोग और खिलाड़ियों को कारतूस की पात्रता संबंधी भारत सरकार की राय रिकॉर्ड पर रखी जाए।

अदालत ने याचिकाकर्ताओं को गृह मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया।

यह मामला वर्ष 2025 की रिट याचिका संख्या 41056 के साथ सूचीबद्ध किया गया, जिसे प्रसिद्ध निशानेबाज सानिया खान ने दायर किया।

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