'नाबालिग लड़के भी सुरक्षित नहीं': अप्राकृतिक यौनाचार मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द करगा हाईकोर्ट

Update: 2026-06-24 07:24 GMT

कर्नाटक हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी वचनानंद स्वामी को मिली अग्रिम जमानत पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस आदेश को रद्द करेगा और आरोपी को नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता देगा।

जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की पीठ शिकायतकर्ता की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सत्र अदालत के 2 मई के आदेश को चुनौती दी गई है।

सत्र अदालत ने वचनानंद स्वामी को अग्रिम जमानत दी थी। उनके खिलाफ POCSO Act की धाराओं 4, 6, 8, 10 और 12 के तहत मामला दर्ज है।

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट ने कहा कि सत्र अदालत ने आरोपी को "ब्लैंकेट बेल" दी, जबकि मामले में आरोपपत्र भी दाखिल हो चुका है।

इस पर हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा,

"मैं इस आदेश को रद्द कर दूंगा। ऐसी जमानत दी ही नहीं जानी चाहिए। हम नियमित जमानत लेने की स्वतंत्रता देंगे, लेकिन जिस तरीके से यह अग्रिम जमानत दी गई, उसे मैं निरस्त कर दूंगा।"

अदालत को यह भी बताया गया कि राज्य सरकार ने भी इसी आदेश के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर पीठ ने कहा कि अग्रिम जमानत का आदेश रद्द किया जाना चाहिए।

आरोपी की ओर से पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।

इस पर अदालत ने कहा,

"आप जवाब दाखिल कीजिए, लेकिन इस तरह की अग्रिम जमानत बिल्कुल नहीं दी जा सकती। यह मामला क्या है? अप्राकृतिक यौनाचार का आरोप है। फिलहाल उसे अग्रिम जमानत का लाभ मिला हुआ है, सही या गलत, वह नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।"

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि याचिका दायर होने के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को धमकी दी, जिसके बाद पुलिस से संपर्क किया गया।

इस पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा,

"आपने लड़कों को भी नहीं छोड़ा... नाबालिग लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं और अब नाबालिग लड़के भी सुरक्षित नहीं हैं।"

हालांकि, आरोपी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह झूठा मामला है। वकील ने दावा किया कि ट्रस्टियों और वचनानंद स्वामी के बीच विवाद था, जिसके बाद यह मामला दर्ज कराया गया।

मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी। हाईकोर्ट तब अग्रिम जमानत आदेश को लेकर आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है।

Tags:    

Similar News