नीलामी में संपत्ति बिकना मौजूदा किरायेदारों को बेदखल करने का आधार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि किसी संपत्ति की बिहार स्टेट फाइनेंशियल कॉरपोरेशन (BSFC) द्वारा नीलामी में बिक्री अपने आप वहां रह रहे किरायेदारों को बेदखल करने का आधार नहीं बन सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किरायेदारों की बेदखली केवल झारखंड बिल्डिंग (लीज, रेंट एंड एविक्शन) कंट्रोल एक्ट में निर्धारित आधारों के अनुसार ही की जा सकती है।
जस्टिस आनंद सेन की एकल पीठ किरायेदारों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में BSFC द्वारा जारी उस नोटिस को चुनौती दी गई, जिसमें संपत्ति बिक जाने का हवाला देते हुए किरायेदारों को परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया।
संपत्ति मूल रूप से मेसर्स साहू होटल की थी, जिसने BSFC से ऋण लिया था। ऋण चुकाने में डिफॉल्ट के बाद BSFC ने संपत्ति की नीलामी की। परिसर में दुकानें चला रहे किरायेदारों ने नीलामी में हिस्सा नहीं लिया। नीलामी के बाद BSFC ने उन्हें परिसर खाली करने का नोटिस जारी किया।
हाईकोर्ट ने बेदखली नोटिस के आधार को खारिज करते हुए कहा कि केवल संपत्ति के बिक जाने से मौजूदा किरायेदारों को बाहर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि किरायेदारी का संबंध झारखंड बिल्डिंग (लीज, रेंट एंड एविक्शन) कंट्रोल एक्ट से नियंत्रित होता है और उसी कानून में निर्धारित आधार ही किरायेदार की बेदखली का आधार बन सकते हैं।
कोर्ट ने कहा कि BSFC द्वारा किरायेदारों को सीधे बेदखली का निर्देश देना कानून के अनुरूप नहीं था। यदि किरायेदारों को बेदखल करना है तो मकान मालिक को झारखंड बिल्डिंग (लीज, रेंट एंड एविक्शन) कंट्रोल एक्ट में निर्धारित प्रक्रिया और आधार का पालन करना होगा।
हाईकोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि BSFC ने संपत्ति का कब्जा ले लिया था। इसलिए व्यावहारिक रूप से संपत्ति किसी खरीदार को हस्तांतरित होने तक BSFC को मकान मालिक के रूप में माना जाएगा।
कोर्ट ने किरायेदारों को निर्देश दिया कि वे अब किराया BSFC को अदा करें। यदि किराए के भुगतान में कोई चूक होती है तो BSFC कानून के अनुसार बेदखली के लिए उचित कार्रवाई कर सकता है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि BSFC बाद में भवन को किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित कर देता है तो उसके बाद किरायेदार नए मालिक को किराया देंगे। BSFC को मौजूदा किरायेदारों को संपत्ति के हस्तांतरण की जानकारी देनी होगी।
इन निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा किया।