सीनियर एडवोकेट और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता गौरव भाटिया ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें पिछले महीने जिला एवं सत्र न्यायालय, गौतमबुद्ध नगर में वकीलों की हड़ताल के दौरान उन पर हुए हमले को लेकर विभिन्न यूट्यूब चैनलों और एक्स उपयोगकर्ताओं द्वारा उनके खिलाफ पोस्ट की गई कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने की मांग की गई।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने मुकदमे में समन जारी किया और अंतरिम राहत की मांग करने वाले भाटिया के आवेदन पर नोटिस भी जारी किया। हालांकि, कोई एकपक्षीय आदेश पारित नहीं किया गया।

अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने घटना का स्वत: संज्ञान लिया और अंतरिम राहत देने पर मामले को 08 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

भाटिया का प्रतिनिधित्व एडवोकेट राघव अवस्थी और मुकेश शर्मा ने किया।

यह मुकदमा नवीन कुमार (यूट्यूब चैनल आर्टिकल 19 इंडिया), नीलू व्यास (यूट्यूब चैनल द न्यूज लॉन्चर), प्रोफेसर अखिल स्वामी, यूट्यूब चैनल राजीव निगम और बीबीआई न्यूज के खिलाफ दायर किया गया। अन्य प्रतिवादियों में एक्स यूजर्स संदीप सिंह, विजय यादव, नेटफ्लिक्स, सुनीताजाधव, गुरुजी, दाऊद नदाफ, द्रखत्रा और वायरस बाबा आई.एन.डी.आई.ए वाला हैं।

वाद में यूट्यूब और एक्स पर भाटिया के खिलाफ दिए गए "अपमानजनक सामग्री और अपमानजनक बयानों" के लिए प्रतिवादियों के खिलाफ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा की मांग की गई।

Google LLC और एक्स पर मौजूद अपमानजनक सामग्री को हटाने की मांग की गई।

केस टाइटल: गौरव भाटिया बनाम नवीन कुमार और अन्य।

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