दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को न्यूज़क्लिक के एचआर अमित चक्रवर्ती की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद दर्ज UAPA Case में सरकारी गवाह बनने के बाद जमानत की मांग की गई।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आदेश तब सुरक्षित रख लिया, जब राज्य ने कहा कि अगर चक्रवर्ती को जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।

चक्रवर्ती की ओर से पेश वकील ने कहा कि निचली अदालत पहले ही मामले में उन्हें माफी दे चुकी है और वह पिछले साल अक्टूबर से हिरासत में हैं।

उन्होंने अदालत को आगे बताया कि मामला अभी भी जांच के चरण में है और दिल्ली पुलिस द्वारा अभी तक आरोप पत्र दायर नहीं किया गया।

वकील ने कहा,

“मैं एजेंसी के साथ सहयोग कर रहा हूं। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मेरा बयान दिसंबर में भी दर्ज किया गया।

न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को विभिन्न स्थानों पर तलाशी के बाद पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया। मामले में पुरकायस्थ न्यायिक हिरासत में हैं।

हाल ही में चक्रवर्ती ने सरकारी गवाह बनने के बाद मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली।

केस टाइटल: अमित चक्रवर्ती बनाम राज्य

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