हिमायनी पुरी मामले में दिल्ली हाइकोर्ट सख्त: आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का आदेश, वैश्विक रोक पर फिलहाल नहीं फैसला

Update: 2026-03-17 08:19 GMT

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी से जुड़े कथित मानहानिकारक पोस्ट पर सख्त रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उन्हें हटाने का आदेश दिया। हालांकि अदालत ने फिलहाल वैश्विक स्तर पर सामग्री हटाने (ग्लोबल टेकडाउन) की मांग पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी।

जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने ट्विटर (एक्स), गूगल, यूट्यूब, मेटा और लिंक्डइन सहित अन्य पक्षों को निर्देश दिया कि वे भारत में उपलब्ध ऐसे सभी आपत्तिजनक कंटेंट को हटाएं।

अदालत ने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर सामग्री हटाने का मुद्दा फिलहाल हाइकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष लंबित है, इसलिए इस पर अभी कोई आदेश नहीं दिया जा सकता।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह निर्देश भारत की सीमा और भारतीय डोमेन तक ही लागू होगा। यदि कोई सामग्री विदेश से अपलोड की गई है तो उसे भारत में देखने से रोका जाए।

हिमायनी पुरी ने 10 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़कर झूठी और दुर्भावनापूर्ण सामग्री फैलाई जा रही है।

उनकी ओर से पेश सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने अदालत में कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उन्हें केवल एक केंद्रीय मंत्री की बेटी होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है।

वहीं मेटा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार ने कहा कि प्लेटफॉर्म केवल भारत में ही सामग्री हटाने में सक्षम है, वैश्विक स्तर पर नहीं।

अदालत ने प्रथम दृष्टया हिमायनी पुरी के पक्ष में मामला बनता हुआ मानते हुए अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की। आदेश में कहा गया कि प्रतिवादी किसी भी मंच पर ऐसे कंटेंट का प्रकाशन या प्रसार न करें और 24 घंटे के भीतर संबंधित लिंक व सामग्री हटा दें।

मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी।

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