पारिवारिक विवाद सार्वजनिक न करें: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर और मंधिरा कपूर को मानहानिपूर्ण बयान देने से रोका

Update: 2026-02-17 10:15 GMT

दिल्ली हाइकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर और उनकी ननद मंधिरा कपूर स्मिथ के बीच चल रहे विवाद पर सख्त रुख अपनाया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक या मानहानिपूर्ण बयान देने से रोक दिया।

दार्शनिक और मर्यादित आचरण की सलाह

मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस मिनी पुष्करणा ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कपूर परिवार के सदस्यों को गरिमा के साथ आचरण करना चाहिए और सार्वजनिक डोमेन में एक-दूसरे को बदनाम नहीं करना चाहिए। अदालत ने प्रिया कपूर द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में अंतरिम राहत आवेदन पर नोटिस जारी किया। इस मामले की अगली सुनवाई अब 14 मई को होगी।

20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग

प्रिया कपूर ने अपनी ननद मंधिरा कपूर और "InControversial" पॉडकास्ट की होस्ट पूजा चौधरी के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया। उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले बयानों के एवज में 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की। मुकदमे के अनुसार, मंधिरा कपूर ने पॉडकास्ट में कथित तौर पर प्रिया कपूर को "बाहरी व्यक्ति" के रूप में चित्रित किया, जिसका कपूर परिवार की विरासत, संपत्ति या व्यावसायिक मामलों पर कोई वैध अधिकार नहीं है।

विरासत और वर्चस्व की कानूनी लड़ाई

याचिका में आरोप लगाया गया कि पॉडकास्ट के दौरान मंधिरा ने दावा किया कि परिवार की दौलत और विरासत विशेष रूप से "ब्लडलाइन" (रक्त संबंधों) और उनके बच्चों की। उन्होंने प्रिया कपूर पर विरासत पर कब्जा करने और संजय कपूर के मूल परिवार के सदस्यों को दरकिनार करने का आरोप भी लगाया।

प्रिया कपूर की ओर से कोर्ट में दलील दी

"प्रतिवादी नंबर 1 (मंधिरा कपूर) का आचरण आकस्मिक नहीं है, बल्कि यह शत्रुता और उत्पीड़न के लंबे समय से चले आ रहे पैटर्न का हिस्सा है। उनके दिवंगत पति के जीवित रहते समय भी उन पर अनुचित मौद्रिक मांगें और नियामक शिकायतें की गईं, जिन्हें अब उनकी मृत्यु के बाद वादी की ओर मोड़ दिया गया।"

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर छवि खराब करने का आरोप

वादी का तर्क है कि मानहानिपूर्ण सामग्री को जानबूझकर यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचारित किया गया। मुकदमे में कहा गया कि ये बयान पूरी तरह से निराधार, लापरवाह और दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। प्रिया कपूर ने यह भी दावा किया कि इस तरह की अपमानजनक सामग्री के लगातार सर्कुलेशन से उन्हें और उनके बच्चों को गंभीर सामाजिक अपमान और भावनात्मक सदमे का सामना करना पड़ रहा है।

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