दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) की तर्ज पर राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET UG) परीक्षा साल में दो बार कई शिफ्टों में आयोजित करने की जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार किया।

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि इस तरह का निर्णय पूरी तरह से संबंधित अधिकारियों के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है।

खंडपीठ ने कहा,

"NEET UG परीक्षा NTA द्वारा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट का चयन करने के लिए आयोजित की जाती है। JEE इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में स्टूडेंट्स का चयन करने के लिए आयोजित की जाती है।"

उन्होंने आगे कहा,

"क्या किसी विशेष पाठ्यक्रम में स्टूडेंट को एडमिशन देने के लिए कोई विशेष एडमिशन परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जानी है, यह पूरी तरह से संबंधित अधिकारियों के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है। तदनुसार, अधिकारियों को इस तरह के अनुरोध पर विचार करना है।"

जनहित याचिका अंशुल गुप्ता नामक व्यक्ति ने दायर की थी।

न्यायालय ने गुप्ता को केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।

इसने उक्त प्राधिकारी से कहा कि वह अभिवेदन को गुप्ता के सुझाव के रूप में माने और उस पर उचित निर्णय ले।

केस टाइटल: अंशुल गुप्ता बनाम भारत संघ एवं अन्य।

Tags: