गौतम गंभीर के पर्सनेलिटी राइट्स की रक्षा करेगा हाईकोर्ट, आपत्तिजनक सामग्री हटाने के संकेत

Update: 2026-03-25 11:51 GMT

दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।

जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान संकेत दिए कि अदालत मेटा, गूगल और अमेज़न से जुड़े विक्रेताओं को कथित उल्लंघनकारी सामग्री हटाने का निर्देश दे सकती है।

अदालत ने कहा कि वह इन मंचों को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के साथ-साथ अपलोड करने वालों की बुनियादी जानकारी (BCI) और आईपी लॉगिन विवरण उपलब्ध कराने का भी निर्देश देगी।

सुनवाई के दौरान गंभीर की ओर से पेश वकील ने बताया कि कई आपत्तिजनक लिंक हटाए जा चुके हैं, लेकिन उनकी पुनरावृत्ति लगातार हो रही है। उन्होंने “डायनेमिक निषेधाज्ञा” की मांग की, ताकि भविष्य में भी ऐसी सामग्री पर रोक लगाई जा सके।

मेटा की ओर से कहा गया कि उसके मंचों पर मौजूद सभी आपत्तिजनक लिंक अब हटाए जा चुके हैं और उपलब्ध नहीं हैं।

अदालत ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लिया और कहा कि यदि भविष्य में ऐसे लिंक सामने आते हैं तो 36 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाए।

वहीं, गूगल ने भी बताया कि याचिका में उल्लिखित एक लिंक हटा दिया गया।

अमेज़न विक्रेताओं की ओर से कहा गया कि जिन उत्पादों में उल्लंघन हो रहा है, उन्हें विशेष रूप से चिन्हित कर जानकारी दी जाए ताकि उन्हें हटाया जा सके। अदालत ने भी कहा कि बिना स्पष्ट लिंक के व्यापक आदेश नहीं दिया जा सकता।

अदालत ने कहा,

“हम पूरे पेज या वेबसाइट हटाने का सामान्य आदेश नहीं दे सकते, इसके लिए विशिष्ट जानकारी जरूरी है।”

मामले की पृष्ठभूमि

गौतम गंभीर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनके नाम, तस्वीर और पहचान का दुरुपयोग कर एआई आधारित फर्जी वीडियो और सामग्री बनाई जा रही है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने ऐसे कंटेंट को हटाने के साथ-साथ 2.5 करोड़ रुपये हर्जाने की भी मांग की।

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