संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी ठहराने का फैसला बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

Update: 2026-04-09 11:42 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटेन में रह रहे हथियार सलाहकार संजय भंडारी को “भगोड़ा आर्थिक अपराधी” घोषित करने के ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा। अदालत ने उनकी याचिका खारिज करते हुए साफ कहा कि इस फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने संक्षिप्त आदेश में कहा, अपील खारिज की जाती है।

यह आदेश तिस हजारी कोर्ट के जिला जज द्वारा 5 जुलाई, 2023 को पारित फैसले के खिलाफ दायर अपील पर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत घोषित किया था।

ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि भले ही भारत में भंडारी का प्रत्यर्पण सफल नहीं हुआ हो, लेकिन इससे वह कानून के उल्लंघन के मामलों में निर्दोष या अभियोजन से मुक्त नहीं हो जाते।

संजय भंडारी वर्ष 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद लंदन भाग गए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया और करीब 21 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की।

ED ने 2017 में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया और 2020 में पहली चार्जशीट दाखिल की। जांच के दौरान भंडारी के संबंध रॉबर्ट वाड्रा से भी जोड़े गए, जो कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति हैं।

2023 में दाखिल पूरक चार्जशीट में आरोप लगाया गया कि लंदन में स्थित एक संपत्ति भंडारी ने खरीदी थी और उसका नवीनीकरण रॉबर्ट वाड्रा के निर्देश पर किया गया, जिसके लिए धन भी उन्हीं द्वारा उपलब्ध कराया गया।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भंडारी के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी का दर्जा बरकरार रहेगा।

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