दिल्ली हाईकोर्ट ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) को निर्देश दिया कि वह पहलवान विनेश फोगाट को जारी किए गए 'शो-कॉज' (कारण बताओ) नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर फैसला ले।

जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्यवाही को लेकर बनी अनिश्चितता, किसी भी खिलाड़ी की प्रतियोगिताओं से पहले की मानसिक तैयारी पर असर डाल सकती है।

कोर्ट ने कहा कि प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए खिलाड़ी का मानसिक रूप से फिट और तनावमुक्त होना जरूरी है, ताकि उनके प्रदर्शन पर कोई बुरा असर न पड़े।

कोर्ट ने यह आदेश फोगाट की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने WFI द्वारा 9 मई और 17 जून को जारी किए गए दो 'शो-कॉज' नोटिस को चुनौती दी थी।

फोगाट को आशंका थी कि आगामी टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले WFI उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल फैसला ले सकता है, जिससे उन्हें राहत के लिए कोर्ट जाने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाएगा।

उनके वकील सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव ने बताया कि जिस राष्ट्रीय टूर्नामेंट में फोगाट हिस्सा लेना चाहती हैं, वह दिसंबर 2026 के मध्य में होना है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें टूर्नामेंट के लिए तैयारी करनी है, जबकि ये लंबित 'शो-कॉज' नोटिस उनके सिर पर तलवार की तरह लटके हुए हैं।

इस आशंका पर ध्यान देते हुए कोर्ट ने माना कि फोगाट द्वारा जताई गई चिंता जायज लगती है।

कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन 'शो-कॉज' नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लें।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर दो सप्ताह बीतने के बाद कोई फैसला लिया जाता है, तो सुनवाई की अगली तारीख तक उस पर रोक रहेगी।

कोर्ट ने अधिकारियों को नोटिस जारी कर निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करें।

इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी 2027 को होगी।

Case Title : Vinesh Phogat v. Wrestling Federation of India & Ors

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