'Molitics' के फेसबुक पेज ब्लॉक करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और मेटा से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म मोलिटिक्स (Molitics) के फेसबुक पेज को ब्लॉक किए जाने के मामले में केंद्र सरकार और मेटा प्लेटफॉर्म्स सहित अन्य पक्षों से जवाब मांगा।
जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और मेटा को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर किस प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई।
मामला 29 मार्च को मोलिटिक्स के फेसबुक पेज को भारत में ब्लॉक किए जाने से जुड़ा है। कंपनी ने याचिका दाखिल कर अपने पेज को बहाल करने और ब्लॉकिंग आदेश की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा,
“हमें शपथपत्र पर स्पष्ट रुख चाहिए। हर मामले में जवाब थोड़ा बदला हुआ या अलग नजर आता है। हम एक स्पष्ट और समझ में आने वाली प्रक्रिया चाहते हैं।”
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म से 42 पत्रकार जुड़े हैं और यह उनके आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि यदि आवश्यक हो तो सभी शर्तों का पालन किया जाएगा।
याचिका में आरोप लगाया गया कि बिना किसी कारण बताए, बिना नोटिस दिए और बिना सुनवाई का मौका दिए पूरे देश में पेज पर रोक लगा दी गई, जो कि कानून के तहत तय प्रक्रिया के खिलाफ है।
मोलिटिक्स ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है और इससे उसकी साख तथा आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचा है।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को तय की।