ANI बनाम PTI कॉपीराइट विवाद सुलझा: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 करोड़ का मुकदमा निपटाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने समाचार एजेंसी ANI मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के खिलाफ दायर कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा समझौते के बाद बंद किया।
जस्टिस ज्योति सिंह ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए ANI को याचिका वापस लेने की अनुमति दी।
यह मामला वर्ष 2024 में दायर किया गया था, जिसमें ANI ने आरोप लगाया कि PTI ने उसकी ओर से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो का बिना अनुमति उपयोग किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर प्रसारित किया।
ANI के अनुसार यह वीडियो उसके कैमरापर्सन द्वारा नई दिल्ली से दरभंगा जा रही उड़ान में शूट किया गया था, जिसमें यात्रियों ने भीषण गर्मी के दौरान विमान में बिना वातानुकूलन लंबे समय तक इंतजार किए जाने की शिकायत की थी।
दोनों समाचार एजेंसियों ने 25 अप्रैल को हाईकोर्ट में संयुक्त आवेदन दाखिल कर बताया कि उनके बीच 25 नवंबर को समझौता हो चुका है और उसी के आधार पर विवाद समाप्त किया जाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि समझौते की शर्तें विधिसम्मत हैं और उसी के मद्देनज़र वादी को मुकदमा वापस लेने की अनुमति दी जाती है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा,
“समझौता पक्षकारों पर बाध्यकारी है। इसलिए वादी को वाद वापस लेने की अनुमति दी जाती है।”
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ANI को कोर्ट फीस अधिनियम, 1870 के तहत जमा की गई पूरी अदालती फीस वापस की जाएगी।
ANI ने अपनी याचिका में PTI के खिलाफ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा की मांग करते हुए कथित उल्लंघनकारी वीडियो हटाने तथा भविष्य में उसकी कॉपीराइट सामग्री के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की थी।
साथ ही एजेंसी ने कॉपीराइट उल्लंघन से हुए कथित नुकसान के लिए 2 करोड़ 10 लाख के हर्जाने की भी मांग की थी।
समझौते के बाद अब यह विवाद औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।