कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक करने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, समीक्षा समिति को मामले की जांच के निर्देश

Update: 2026-05-29 07:28 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत डिपके की याचिका पर केंद्र सरकार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए मंत्रालय की समीक्षा समिति को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। अदालत ने डिपके को वर्चुअल माध्यम से समिति के सामने पेश होने की अनुमति भी दी।

जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने हालांकि फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया लेकिन मौखिक रूप से कहा कि यह मामला “दूरगामी और व्यापक प्रभाव” वाला है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा,

“IT नियमों का नियम 14 समीक्षा समिति को सभी पहलुओं की जांच करने का अधिकार देता है। यदि समिति संतुष्ट होती है कि ब्लॉकिंग आदेश हटाया जाना चाहिए तो वह अकाउंट बहाल करने का निर्देश दे सकती है।”

अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई से पहले समीक्षा समिति याचिकाकर्ता की सभी आपत्तियों पर विचार करे और अपना निर्णय रिकॉर्ड पर रखे।

याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट अखिल सिब्बल ने दलील दी कि बिना सुनवाई का अवसर दिए अकाउंट ब्लॉक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल को अब तक ब्लॉकिंग आदेश की प्रति तक नहीं दी गई।

सिब्बल ने अदालत में कहा,

“यह पूरी तरह व्यंग्यात्मक मंच है। यदि सरकार के पास कोई सामग्री है तो कम-से-कम अदालत को दिखाई जानी चाहिए। हमें अंधेरे में नहीं रखा जा सकता।”

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए।

अदालत ने कहा कि फिलहाल रिकॉर्ड पर केवल ब्लॉकिंग की सूचना है वास्तविक आदेश नहीं। न तो आपने और न ही अदालत ने अभी तक ब्लॉकिंग आदेश देखा है।

सिब्बल ने कहा कि यदि कुछ ट्वीट आपत्तिजनक हैं तो उन्हें ब्लॉक किया जा सकता है लेकिन पूरा अकाउंट बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामलों में पहले भी अदालत ने अकाउंट बहाल करने के निर्देश दिए।

इस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा,

“यह मामला थोड़ा अलग है, क्योंकि यहां पूरी गतिविधि को ही आपत्तिजनक बताया जा रहा है।”

अदालत ने यह भी कहा कि यदि समीक्षा समिति उचित समझे तो याचिकाकर्ता को वह सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

सुनवाई के दौरान सिब्बल ने बताया कि अभिजीत डिपके इस समय देश से बाहर हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं। इसलिए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अनुमति दी जाए या किसी प्रतिनिधि को अधिकृत करने दिया जाए।

'कॉकरोच जनता पार्टी' एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अभियान के रूप में सामने आई थी। यह उस मौखिक टिप्पणी के बाद शुरू हुई, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने ऑनलाइन सक्रियता के नाम पर व्यवस्था पर हमला करने वाले बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की थी।

बाद में चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा फर्जी डिग्री रखने वाले लोगों की ओर था।

कुछ ही दिनों में इस अभियान के सोशल मीडिया अकाउंट ने लाखों अनुयायी जुटा लिए थे जिसके बाद उनके अकाउंट निलंबित कर दिए गए।

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