दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को इस स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई को सोशल मीडिया पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने से रोकने से इनकार किया।

जस्टिस सचिन दत्ता ने मोइत्रा को "सवाल के लिए नकद" आरोपों के संबंध में दुबे और देहाद्राई के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में अंतरिम राहत देने से इनकार किया।

अदालत ने पिछले साल 20 दिसंबर को अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग करने वाली मोइत्रा की अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अदालत ने कहा,

''मैंने निषेधाज्ञा आवेदन खारिज कर दिया।''

49 वर्षीय मोइत्रा को एथिक्स पैनल द्वारा मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पिछले साल 08 दिसंबर को लोकसभा सांसद के रूप में निष्कासित कर दिया गया था।

मोइत्रा पर व्यवसायी और मित्र दर्शन हीरानंदानी की ओर से सवाल पूछने के बदले नकद प्राप्त करने का आरोप लगाया गया।

मीडिया को दिए इंटरव्यू में महुआ ने इस तथ्य को स्वीकार किया था कि उन्होंने हीरानंदानी को अपना संसद लॉग-इन और पासवर्ड दिया था। हालांकि, उन्होंने उनसे कोई नकद प्राप्त करने के दावे का खंडन किया था।

टाइल: महुआ मोइत्रा बनाम निशिकांत दुबे और अन्य।

Tags: