'हम जांच करेंगे': टियर -1 लॉ फर्म में महिला वकील के कथित यौन उत्पीड़न पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा

Update: 2022-04-14 11:15 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह टियर-1 लॉ फर्म में महिला वकील के यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी से संबंधित आरोपों की जांच करेगा।

लंच के बाद के सत्र के दौरान एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ के समक्ष इस मुद्दे का उल्लेख किया गया।

महिला वकील ने भी खुद को यौन उत्पीड़न का शिकार होने का दावा करते हुए हाईकोर्ट की यौन उत्पीड़न समिति द्वारा मामले की जांच करने का आग्रह किया था।

उन्होंने लीगली इंडिया वेबसाइट के एक सूत्र का हवाला दिया, जहां एक "व्हिसलब्लोअर" ने महिला वकील की दुर्दशा का खुलासा किया। उक्त महिला वकील कथित तौर पर फर्म में यौन उत्पीड़न का सामना कर रही थी। उन्होंने कहा कि सूत्र के अनुसार, अब पीड़िता का पीछा किया जा रहा है और फर्म उसे डराने-धमकाने के लिए गुंडे भेज रही है।

इस प्रकार, उसने आग्रह किया कि हाईकोर्ट की यौन उत्पीड़न समिति इस मामले को उठा सकती है और कानूनी रूप से भारत से व्हिसलब्लोअर के आईपी पते का खुलासा करने के लिए कह सकती है, ताकि जांच आगे बढ़ सके।

वकील ने आगे बताया कि समिति पूरी तरह से "अप्राप्य" है, क्योंकि इसका विवरण हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।

उसने कहा,

"कोई संपर्क विवरण नहीं है। कोई कमरा नंबर या फोन नंबर या यहां तक ​​​​कि ईमेल पता भी नहीं। जब यौन उत्पीड़न समिति होती है तो उसे दृश्यमान और पहुंच योग्य होना चाहिए।"

उसने लीगली इंडिया वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक अन्य सूत्र का भी उल्लेख किया, जहां एक वकील ने पूछा कि क्या उसे गलत फाइलिंग करने के लिए निकाल दिया जा सकता है। इसके जवाब में कोर्ट रजिस्ट्री को "रिश्वत" देने और अदालत की फाइल में दस्तावेजों को बदलने का सुझाव दिया जाता है।

पीठ ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को देखेगी और इसकी जांच करेगी।

Tags:    

Similar News