Delhi Riot Case: अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे उमर खालिद, सुनवाई कल

Update: 2026-05-21 13:52 GMT

उमर खालिद ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्ज़ी देकर UAPA मामले में अंतरिम ज़मानत मांगी। इस मामले में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे एक बड़ी साज़िश का आरोप लगाया गया।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच कल (शुक्रवार) इस मामले की सुनवाई करेगी।

खालिद ने ट्रायल कोर्ट के 19 मई के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें इस मामले में उन्हें अंतरिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया।

उन्होंने अपने दिवंगत चाचा के निधन के बाद 'चेहल्लुम' की रस्म में शामिल होने के लिए, और अपनी मां की सर्जरी से पहले और बाद की देखभाल के लिए 15 दिनों की अंतरिम ज़मानत मांगी थी। मां की सर्जरी 2 जून को होनी है।

ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ़ इसलिए कि उमर खालिद और अन्य आरोपियों को पहले भी अंतरिम ज़मानत मिल चुकी है। उन्होंने कभी भी शर्तों का उल्लंघन नहीं किया, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार जब भी आरोपी ज़मानत मांगे तो उसे ज़मानत दे दी जाए।

कोर्ट ने यह भी कहा था कि अपने चाचा के 'चेहल्लुम' समारोह में शामिल होना उतना ज़रूरी नहीं है। अगर रिश्ता इतना करीबी और गहरा होता, तो वह चाचा के निधन के समय ही रिहाई की मांग करते, न कि इतने लंबे समय बाद।

मां की सर्जरी के मामले में ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि खालिद की दूसरी बहनें भी हैं, जो मां की देखभाल कर सकती हैं और उनके पिता भी मां का ख्याल रख सकते हैं।

खालिद के खिलाफ़ दर्ज FIR 59/2020 में कई गंभीर आरोप शामिल हैं, जिनमें UAPA की धारा 13, 16, 17, 18; Arms Act की धारा 25 और 27; Public Property Act, 1984 की धारा 3 और 4; और Indian Penal Code, 1860 के तहत अन्य अपराध शामिल हैं।

FIR 59/2020 में जिन अन्य लोगों के खिलाफ़ चार्जशीट दायर की गई, उनमें AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन; Jamia Coordination Committee के सदस्य सफूरा ज़रगर, मीरान हैदर और शिफा-उर-रहमान; एक्टिविस्ट खालिद सैफ़ी; शादाब अहमद; तसलीम अहमद; सलीम मलिक; और अथर खान शामिल हैं।

इसके बाद इस मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ़ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की गई।

Title: Umar Khalid v. State

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