तेलंगाना विधानसभा ने सोमवार (30 मार्च) को तेलंगाना एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल 2026 को मंज़ूरी दी। इस बिल का मकसद राज्य में वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस घटनाक्रम पर बात करते हुए वकील और तेलंगाना सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, उद्योग और वाणिज्य और विधायी मामलों के मंत्री श्रीधर बाबू दुद्डिल्ला ने X (पहले Twitter) पर एक पोस्ट में कहा:
"वकीलों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम – अब यह कानून लागू हो गया।
हमारी सरकार ने तेलंगाना बार काउंसिल के प्रस्ताव और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, कानूनी मंचों और कानूनी समुदाय से मिले सुझावों के आधार पर एडवोकेट प्रोटेक्शन लॉ लागू किया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @revanth_anumula गारू की पहल से यह कानून वकीलों के लिए पेशेवर सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करता है, साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी मज़बूत करता है।
यह कदम कानूनी पेशे के महत्व को और बढ़ाता है और वकीलों को बिना किसी डर के न्याय दिलाने के लिए सशक्त बनाता है।
हम उन सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने चर्चाओं में भाग लिया और सर्वसम्मति से इस बिल का समर्थन किया।"
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, यह बिल वकीलों के खिलाफ अपराधों के लिए कारावास और जुर्माने का प्रावधान करता है। साथ ही वकीलों तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ हमले, डराने-धमकाने, उत्पीड़न या किसी भी तरह की हिंसा पर रोक लगाता है।