लोकसभा ने बुधवार को आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए अमरावती को राज्य की आधिकारिक राजधानी घोषित करने वाला विधेयक पारित कर दिया।
यह विधेयक आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 नित्यानंद राय द्वारा पेश किया गया, जो गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।
इस संशोधन के जरिए आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 की धारा 5 में बदलाव किया गया। मूल अधिनियम के तहत हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी के रूप में अधिकतम 10 वर्षों के लिए घोषित किया गया।
धारा 5(2) के अनुसार, 10 वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद हैदराबाद केवल तेलंगाना की राजधानी रहेगा और आंध्र प्रदेश के लिए नई राजधानी बनाई जाएगी।
अब इस संशोधन में नई राजधानी होगी शब्दों के स्थान पर स्पष्ट रूप से अमरावती नई राजधानी होगी जोड़ा गया।
इससे पहले 28 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में मान्यता दी जाए। यह विधेयक उसी प्रस्ताव को लागू करने के उद्देश्य से लाया गया।
गौरतलब है कि पहले YSR कांग्रेस पार्टी की सरकार ने तीन राजधानी मॉडल प्रस्तावित किया, जिसमें अमरावती को विधायी, कुरनूल को न्यायिक और विशाखापत्तनम को कार्यकारी राजधानी बनाने की योजना थी। हालांकि वर्ष 2021 में इस योजना को वापस ले लिया गया।
अब लोकसभा से विधेयक पारित होने के बाद अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र आधिकारिक राजधानी बनाने का रास्ता साफ हो गया।