सुप्रीम कोर्ट ने फेसलेस अपील योजना, 2020 को चुनौती देने वाले मामलों को उच्च न्यायालयों से शीर्ष न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

Update: 2021-09-04 11:12 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने आज फेसलेस अपील स्कीम, 2020 को चुनौती देने वाले मामलों को उच्च न्यायालय (ओं) से शीर्ष न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग वाली स्थानांतरण याचिका में नोटिस जारी किया। इस मामले को जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।

शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा, "उच्च न्यायालयों के समक्ष याचिकाओं को इस आधार पर फेसलेस अपील स्कीम, 2020 को चुनौती देने के लिए समर्पित किया गया है कि कोई "व्यक्तिगत सुनवाई" नहीं दी गई है और इस तरह के विवेक को मुख्य आयुक्त या डायरेक्टर जनरल पर नहीं छोड़ा जा सकता है।"

यह टिप्पणी करते हुए कि केवल एक छोटा प्रश्न शामिल था, पीठ ने मामले को एक अक्टूबर, 2021 के लिए पोस्ट कर दिया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमण ने प्रस्तुत किया कि मामले इलाहाबाद, दिल्ली, तेलंगाना और केरल के उच्च न्यायालयों में लंबित हैं।

'फेसलेस इनकम टैक्स अपील स्कीम 2020' क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में ईमानदार आयकरदाताओं को सम्मानित करने के लिए अगस्त 2020 में इस कार्यक्रम / योजना की शुरुआत की थी। फेसलेस टैक्स स्क्रूटनी और अपील प्रणाली का अनावरण करते हुए, प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने देय करों का भुगतान करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान करने का आग्रह किया था और यह भी घोषणा की थी कि आयकर विभाग 25 सितंबर से फेसलेस अपील शुरू करेगा।

विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित चुनौती

दिल्ली उच्च न्यायालय

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने 16 अक्टूबर 2020 को 'फेसलेस आयकर अपील योजना, 2020' के खिलाफ दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार और आयकर विभाग को एक नोटिस जारी की थी।

याचिका में प्रतिवादियों (भारत सरकार और आयकर विभाग) को सभी करदाताओं / निर्धारिती को सुनवाई का अवसर देने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी और यह माना गया था कि यह मुख्य आयुक्त या महानिदेशक के विवेक पर नहीं है।

बॉम्बे हाईकोर्ट

हाल ही में, जस्टिस केआर श्रीराम और जस्टिस अभय आहूजा की बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने 5 अगस्त, 2021 को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को नोटिस जारी कर रिट याचिका पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी थी, जिसमें फेसलेस अपील योजना से निपटने वाले प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी।

केस शीर्षक : केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड बनाम बनाम लक्ष्य बुद्धिराज

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