राजस्थान हाईकोर्ट 

राजस्थान हाईकोर्ट ने वकील के उस क्लर्क को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की, जिसने उदयपुर हत्याकांड पर व्हाट्सएप में "उदयपुर में धार्मिक युद्ध शुरू हो गया है, ब्रावो सूअरों को खत्म करो।" मैसेज फॉरवर्ड किया था।

याचिकाकर्ता ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295ए और धारा 153ए के तहत दंडनीय अपराध के लिए प्रतिवादी नदीम कादिर की सूचना पर दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है। उसने याचिका में आगे जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की भी मांग की।

याचिकाकर्ता के वकील ने प्रस्तुत किया कि उपरोक्त मैसेज "फॉरवर्ड" मैसेज था और गलती से इसे "एडवोकेट के क्लर्क" के ग्रुप को भेज दिया गया था। वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता ने मैसेज डिलीट कर दिया था और माफी मांगी थी। उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोक्त व्हाट्सएप मैसेज के कारण कुछ नहीं हुआ, इसलिए कथित अपराध नहीं बनते हैं।

अदालत ने राज्य को याचिकाकर्ता और उसके परिवार के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जस्टिस बीरेंद्र कुमार ने कहा,

"इस बीच याचिकाकर्ता को उपरोक्त एफआईआर में अगले आदेश तक इस शर्त के साथ गिरफ्तार नहीं किया जाएगा कि याचिकाकर्ता मामले की जांच में पूरा सहयोग करेगा।"

इसके अलावा, अदालत ने प्रतिवादी-नदीम कादिर को भी नोटिस जारी किया और आदेश दिया कि दस दिनों के भीतर अपेक्षित दायर किया जाए।

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट दीपक चौहान और भुवनेश कुमार शर्मा पेश हुए जबकि प्रतिवादियों की ओर से एडवोकेट पीपी चंद्रगुप्त चोपड़ा पेश हुए।

केस टाइटल: विक्रम सिंह बनाम राजस्थान राज्य, प्रमुख सचिव और अन्य।

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