गुजरात स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी द्वारा जेल के कैदियों के लिए म्यूजिक थैरेपी कम-वोकेशनल गाइडेंस प्रोग्राम शुरू

Update: 2023-01-23 10:28 GMT

गुजरात स्टेटस लीगल सर्विस अथॉरिटी ने जेल के कैदियों के लिए "म्यूजिक थैरेपी कम-वोकेशनल गाइडेंस प्रोग्राम" (Music Therapy Cum Vocational Guidance/Training) शुरू किया है। यह प्रोग्राम विशेष रूप से साबरमती सेंट्रल जेल, अहमदाबाद में लंबे समय से सलाखों के पीछे रहने वाले दोषियों के लिए शुरू किया गया है।

जस्टिस अरविंद कुमार, पैटनर-इन-चीफ, गुजरात स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और जस्टिस सोनिया गोकानी, कार्यकारी अध्यक्ष, जीएसएलएसए के मार्गदर्शन और नेतृत्व में जीएसएलएसए ने कार्यक्रम शुरू किया।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपासना स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, गुजरात यूनिवर्सिटी के सहयोग से कैदियों को म्यूजिक थैरेपी के साथ प्रेरित करने और ठीक करने के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया। यह अहमदाबाद में साबरमती सेंट्रल जेल के कैदियों को व्यावसायिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर प्रस्तावित है और इसे राज्य की अन्य जेलों में शुरू करके धीरे-धीरे प्रोजेक्ट की अवधि को बढ़ाने की योजना है।

इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 21 जनवरी, 2023 को केंद्रीय जेल साबरमती में आयोजित समारोह में किया गया।

इस समारोह में जस्टिस गोकानी, गुजरात हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों, डीआईजी (जेल) अहमदाबाद, अश्विन चौहान, पुलिस इंस्पेक्ट, साबरमती जेल, तेजस पटेल, सह- उपासना स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, गुजरात यूनिवर्सिटी के समन्वयक विराज ए. भट्ट और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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