जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की सभी अदालतें 14 फरवरी से फिजिकल मोड़ से सुनवाई करेंगी

Update: 2022-02-10 06:45 GMT

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने COVID-19 से उत्पन्न स्थितियों में सुधार को देखते हुए सोमवार यानी 14 फरवरी, 2022 से फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू करने का निर्णय लिया।

हाईकोर्ट रजिस्ट्रार ऑफिस से जारी आदेश में यह भी बताया गया कि केंद्र शासित प्रदेशों की सभी अधीनस्थ अदालतें उक्त तिथि से फिजिकल सुनवाई के लिए फिर से खुलेंगी।

इसके लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए:

1. हाईकोर्ट में एक बेंच के समक्ष सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई फिजिकल मोड के साथ-साथ इस प्रतिबंध के साथ की अनुमति है कि किसी भी अदालत में एक समय में दस से अधिक अधिवक्ताओं को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

2. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जिला और अधीनस्थ न्यायालय और ट्रिब्यूनल भी फिजिकल मोड के माध्यम से काम करना शुरू कर देंगे।

3. जिला और अधीनस्थ न्यायालयों और ट्रिब्यूनल के समक्ष कोर्ट रूम्स में अधिवक्ताओं का प्रवेश एक निश्चित समय में केवल पांच अधिवक्ताओं तक ही सीमित होगा।

4. कोर्ट परिसर में आने वाले सभी लोगों के लिए मास्क पहनना, बार-बार सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना सहित COVID-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश और प्रोटोकॉल का पालना करना अनिवार्य होगा।

5. केवल वैक्सीनेट और सूचीबद्ध मामलों से संबंधित अधिवक्ताओं को ही कोर्ट रूम्स में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

6. कोर्ट रूम में वादियों, लिपिकों और अधिवक्ताओं के एजेंटों का प्रवेश फिलहाल प्रतिबंधित रहेगा।

7. केवल जिला और अधीनस्थ न्यायालयों और ट्रिब्यूनलों में गवाह (ओं) और आरोपी व्यक्ति (व्यक्तियों) के प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कि वे पूरी तरह से वैक्सीनेट हों और COVID-19 संक्रमण की रोकथाम से संबंधित एसओपी के सख्त पालन करते हों।

8. जिला और अधीनस्थ न्यायालयों और अधिकरणों में प्रवेश की अनुमति केवल न्यायालय परिसर के बाहरी द्वार से पूरी तरह से वैक्सीनेट व्यक्तियों को दी जाएगी।

9. न्यायिक हिरासत रिमांड केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगा।

दिशा-निर्देश डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



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