गुजरात हाईकोर्ट ने मामलों की हाइब्रिड सुनवाई के चल रहे पायलट कार्यान्वयन को सभी अदालती कार्य दिवसों तक बढ़ाया

Update: 2023-08-07 04:10 GMT

गुजरात हाईकोर्ट ने मामलों की सुनवाई के हाइब्रिड मोड (जो वर्तमान में गुरुवार की काज़ लिस्ट पर लागू है ) के पायलट इम्प्लिमेंटेशन प्रैक्टिस को 7 अगस्त 2023 से शुरू होने वाले सभी अदालती कार्य दिवसों तक बढ़ा दिया।

चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस बीरेन ए वैष्णव की अध्यक्षता वाली पीठों के लिए यह सुविधा केवल गुरुवार को उपलब्ध थी। चीफ जस्टिस के अनुमोदन एवं निर्देशानुसार शनिवार को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया।

उल्लेखनीय है कि बहस करने वाले वकीलों या सीनियर वकीलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थित होने की सुविधा प्रदान करने के लिए हाईकोर्ट द्वारा इस साल जून में हाइब्रिड सुनवाई की यह प्रणाली शुरू की गई।

सिस्टम के एसओपी के अनुसार, जो वकील हाईकोर्ट रजिस्ट्री में रजिस्टर्ड हैं और सूचीबद्ध मामलों में किसी भी पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं, वे हाईकोर्ट के केस स्टेटस अनुभाग में हाइब्रिड सुनवाई विकल्प प्रस्तुत करने के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से रजिस्ट्री को सूचित कर सकते हैं। वेबसाइट पर उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य वकील/सीनियर वकील के नाम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने के उनके विकल्प के बारे में जानकारी दी गई।

इस संबंध में 13 जून को जारी एचसी के सर्कुलर में कहा गया कि वकील को किसी अन्य व्यक्ति को लिंक शेयर नहीं करना चाहिए, क्योंकि केवल वकील और संबंधित वकील/सीनियर वकील, जिनका विवरण ऑनलाइन हाइब्रिड सुनवाई विकल्प के साथ प्रस्तुत किया गया है, उसको ही वीडियो कॉन्फ्रेंस सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया गया कि गुजरात हाईकोर्ट (अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग) नियम, 2021 नई प्रणाली को समायोजित करने के लिए आवश्यक संशोधनों के साथ हाइब्रिड सुनवाई पर भी लागू होंगे। इसमें आगे उल्लेख किया गया कि हाइब्रिड सुनवाई के सफल पायलट कार्यान्वयन के बाद इस सुविधा को धीरे-धीरे उच्च न्यायालय की अन्य पीठों के लिए भी बढ़ाया जाएगा।

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