उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में एक विशेष एनआईए अदालत ने सोमवार को एक अहमद मुर्तजा अब्बासी को मौत की सजा सुनाई , जिसे पिछले साल अप्रैल में गोरखनाथ मंदिर में जबरन प्रवेश करने और परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों पर हंसिया से हमला करने के आरोप में पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था।

एटीएस अदालत के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने लगातार 60 दिनों तक मामले की सुनवाई के बाद अब्बासी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना, युद्ध करने का प्रयास करना या युद्ध छेड़ने के लिए उकसाना) और धारा 307 (हत्या करने का प्रयास ) के तहत दोषी ठहराया।

अब्बासी ने परिसर में तैनात पीएसी के दो सुरक्षाकर्मियों पर दरांती से हमला कर दिया था जिससे घटना में ऐसे कांस्टेबल घायल हो गये। इसके तुरंत बाद वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उस पर काबू पा लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी-लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अब्बासी को आईएसआईएस द्वारा प्रशिक्षित किया गया था। जांच में पता चला कि अब्बासी नेपाल भी गया था और वह आतंकी संगठनों की विचारधारा से प्रभावित था। दरअसल, पुलिस ने कथित तौर पर उसके पास से जिहादी साहित्य और भड़काऊ ऑडियो और वीडियो बरामद किया था।

Tags: