अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने मंगलवार को उमर खालिद, शारजील इमाम और अन्य की दिल्ली दंगों की साजिश मामले (एफआईआर 59/2020) में न्यायिक हिरासत 1 मार्च 2021 तक बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस दंगों की इस "बड़ी साजिश" की जांच कर रही है। दिल्ली में ये दंगे पिछले साल फरवरी में हुए थे।

पिछले साल सितंबर में पिंजरा तोड़ की सदस्य और जेएनयू की छात्रा देवांगना कलिता और नताशा नरवाल, जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा और छात्र कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा के खिलाफ मुख्य आरोप पत्र दायर किया गया है।

चार्जशीट में शामिल अन्य लोगों में पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां, जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी की सदस्य सफूरा जरगर, मीरान हैदर और शिफा-उर-रहमान, AAP पार्षद ताहिर हुसैन, कार्यकर्ता खालिद सैफी, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहमद सलीम खान और अतहर खान शामिल हैं।

इसके अलावा, जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद और जेएनयू के ही छात्र शारजील इमाम के खिलाफ फरवरी में पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा में कथित रूप से बड़ी साजिश से संबंधित एक मामले में नवंबर में एक पूरक आरोप पत्र दायर किया गया था।

एफआईआर में यूएपीए की धारा 13, 16, 17, 18 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 को और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 और 4 सहित कड़े आरोप शामिल हैं। आरोपी व्यक्तियों पर भारतीय दंड संहिता, 1860 के विभिन्न अपराधों के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल नवंबर में एफआईआर 59ए की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। दिल्ली पुलिस ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पुलिस को आरोपी व्यक्तियों को चार्जशीट की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल न्यायाधीश की पीठ ने एफआईआर 59ए की सुनवाई पर रोक लगा दी थी।

एफआईआर में नामजद 18 आरोपियों में से सफूरा जरगर और फैजान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। हालांकि, अन्य आरोपी व्यक्ति अभी भी हिरासत में हैं।

सभी आरोपियों की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले की सुनवाई 1 मार्च 2021 को होगी।

दिल्ली दंगा षड्यंत्र केस: दिल्ली कोर्ट ने उमर खालिद, शारजील इमाम और अन्य की न्यायिक हिरासत 1 मार्च 2021 तक बढ़ाई

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