दिल्ली हाईकोर्ट ने यस बैंक लोन फ्रॉड केस में अवंता समूह के प्रमोटर गौतम थापर की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

Update: 2021-09-30 06:04 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को अवंता समूह के प्रमोटर गौतम थापर द्वारा यस बैंक लोन फ्रॉड केस में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।

न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने यह आदेश सुनाया। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।

गौतम थापर, अवंता रियल्टी लिमिटेड मैसर्स, ऑयस्टर बिल्डवेल प्रा. लिमिटेड और अन्य ने 2017 से 2019 की अवधि के दौरान आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, सार्वजनिक धन की हेराफेरी का आरोप लगाया था और इनके खिलाफ ईसीआईआर के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में यस बैंक को 466.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

प्रवर्तन निदेशालय ने तीन अगस्त को आरोपी व्यक्तियों के कार्यालयों और आवासों पर छापा मारा था और उसके बाद थापर को गिरफ्तार किया था।

न्यायमूर्ति खन्ना थापर द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर भी विचार कर रहे हैं। इसमें ईसीआईआर की प्रति, गिरफ्तारी के आधार और उनकी गिरफ्तारी से पहले तैयार की गई चेकलिस्ट की मांग की गई।

इसी तरह के विकास में दिल्ली की एक अदालत ने मामले में थापर द्वारा दायर जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा था।

इससे पहले कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से एक अर्जी दाखिल करने के बाद थापर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

शीर्षक: गौतम थापर बनाम ईडी

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