₹7200 करोड़ का e-Courts Phase III लॉन्च: CJI सूर्यकांत बोले—तकनीक है 'संवैधानिक उपकरण'

Update: 2026-04-11 16:26 GMT

चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को e-Courts परियोजना के फेज-III का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसकी लागत लगभग ₹7210 करोड़ है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

सीजेआई ने कहा कि यह पहल केवल अदालतों के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय प्रणाली के काम करने के तरीके को मूल रूप से बदलने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि पहले चरणों में अदालतों के कंप्यूटरीकरण, ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई जैसी सुविधाओं का विकास किया गया, जबकि अब फेज-III का उद्देश्य इनसे आगे बढ़कर संरचनात्मक सुधार करना है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों की पहुंच बढ़ाने और न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए होना चाहिए। फेज-III के तहत ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल न्याय सेवाएं पहुंचाने, डिजिटल विभाजन को कम करने और eSewa केंद्रों का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस दौरान कई नई डिजिटल पहल भी लॉन्च की गईं, जिनमें सिंगल साइन-ऑन (SSO) पोर्टल, ईमेल के जरिए समन की डिलीवरी, e-Courts और e-Prisons सिस्टम का एकीकरण और e-Courts मोबाइल ऐप का नया संस्करण शामिल है।

सीजेआई ने तकनीक को “संवैधानिक उपकरण” बताते हुए कहा कि यह समानता और न्याय तक पहुंच को मजबूत करने का माध्यम बन चुकी है। सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ सहित कई न्यायिक और सरकारी अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Tags:    

Similar News